
ज़ैनोसिन 200mg टैब फ़्लोरोक्विनोलोन ग्रुप की एक एंटीबायोटिक दवा है जिसमें ओफ़्लॉक्सासिन पाया जाता है, यह इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को रोकता है और इन्फेक्शन को ठीक करता है। अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए दिया जाता है। यूरिनरी ट्रैक, रेस्पिरेटरी ट्रैक, टाइफाइड बुखार, नाक, कान, गेल, स्किन और सॉफ्ट टिशू इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए दिया जाता है।
Zenocin 200 mg Tablet का उपयोग ( Uses )
- इस दवा का उपयोग बैक्टिरियल संक्रमण को ठीक करने के लिए दिया जाता है|
- श्वसन तंत्र संक्रमण (respiratory track infection) निमोनिया, ब्रोंकाइटिस , खांसी, कफ में
- मूत्र मार्ग संक्रमण (urinary track infection) बार बार पेशाब होना, पेशाब मै जलन होना, पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज में
- पेट के संक्रमण( गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन) में
- टायफाइड फीवर में
- नाक, कान और संक्रमण में
- त्वचा और सॉफ्ट टिशू संक्रमण में
ज़ैनोसिन 200 एमजी टैबलेट की खुराक ( Dose )
- 15 mg/kg/day oral प्रत्येक 12 घंटे पे
- व्यस्क में 1 एक टैबलेट सुबह और 1 टैबलेट शाम में दिया जाता है|
- दवा को भोजन के बाद या डॉक्टर के बताए गए अनुसार ले|
- खुराक मरीज की उम्र, संक्रमण की गंभीरता और किडनी फंक्शन के आधार पर खुराक बदली जा सकती है|
ज़ैनोसिन 200 एमजी टैबलेट के साइड इफेक्ट्स।
- सिर दर्द
- चक्कर आना
- नींद न आना
- पेट दर्द, दस्त होना
- मतली, उलटी होना
और इसके कुछ घातक दुष्प्रभाव हो सकते हैं - शरीर में ऐंठन
- टेंडन में दर्द
- हाथ पैर में झनझनाहट
- एलर्जी
ऐसे कुछ भी दुष्प्रभाव देखने को मिले तो दवाई बंद कर दें और तुरंत अपने डॉक्टर से मिले
जेनोसिन 200 एमजी टैबलेट काम कैसे करती है।
• जेनेसिन में उपस्थित Ofloxacin बैक्टीरिया के DNA 🧬 को नष्ट कर देता है जिनसे बैक्टीरिया बढ़ नहीं पाता है और मरीज़ को राहत मिलने लगता है|
ज़ैनोसिन 200 एमजी टैबलेट का इस्तेमाल कब नहीं करना चाहिए |
- गर्भवती/स्तनपान करा रही महिला को नहीं लेनी चाहिए |
- लीवर या किडनी की गंभीर समस्या हो तो नहीं लेनी चाहिए |
- fluoroquinolones से अगर एलर्जी हो तो नहीं लेना चाहिए |
विशेष सावधानियां
- इस दवा को अल्कोहल के साथ न लें
- इस दवा को लेते समय अधिक पानी का सेवन करें|
- तेज धूप से बचे
निष्कर्ष
- जेनेसिन 200 mg टैबलेट एक अच्छी एंटीबायोटिक है जिसका उपयोग बैक्टिरियल संक्रमण को ठीक करने के लिए दिया जाता है , ऐसे हमेशा डॉक्टर के सलाह पर हीं लेना चाहिए |